दस्तावेजों से छेड़छाड़ की सूचना पर हलचल, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में रविवार रात हुई छानबीन - SARKARI RESULT | सरकारी रिजल्ट UP | SARKARI RESULT IN HINDI | SARKARI RESULT UP

14 August, 2017

दस्तावेजों से छेड़छाड़ की सूचना पर हलचल, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में रविवार रात हुई छानबीन

दस्तावेजों से छेड़छाड़ की सूचना पर हलचल, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में रविवार रात हुई छानबीन:-


इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में अभिलेखों से छेड़छाड़ की सूचना से रविवार शाम शासन से लेकर शिक्षा विभाग के मुख्यालय तक में हलचल मच गई। किसी अनजान व्यक्ति की फोन कॉल से विभागीय अधिकारी एक-एक करके बोर्ड कार्यालय पहुंच गए। देर रात तक हुई छानबीन में अधिकारियों को ऐसी कोई
बात नहीं मिली।1किसी ने रविवार रात उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को फोन करके बताया कि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में कुछ लोग दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर रहे हैं। सूचना मिलते ही डिप्टी सीएम ने अपर सचिव संजय अग्रवाल को पूरे मामले की जानकारी देते हुए तत्काल चयन बोर्ड का निरीक्षण कराने का निर्देश दिया। अपर सचिव ने जिला प्रशासन को जानकारी देने के साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों भी सूचना से अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव को तत्काल चयन बोर्ड पहुंचकर जांच करने का निर्देश दिया।1सिटी मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारी पहुंचे : शासन से निर्देश मिलते ही यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव व शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी आनन-फानन में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड कार्यालय पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट अपने दलबल के साथ पहुंच गए। रात करीब साढ़े आठ बजे चयन बोर्ड को खुलवाया गया। मामले की जानकारी होते ही चयन बोर्ड के उप सचिव नवलकिशोर भी पहुंच गए। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे कार्यालय का निरीक्षण किया गया। चयन बोर्ड में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी गई, लेकिन कोई भी संदिग्ध चीजें सामने नहीं आयी। जिसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।अपर सचिव के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चयन बोर्ड गई थी। वहां पर सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। सीसीटीवी फुटेज को भी देखा गया। कोई संदिग्ध चीज नहीं पाई गई। 1नीना श्रीवास्तव, सचिव, यूपी बोर्ड।यूपी बोर्ड की सचिव से जानकारी मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड कार्यालय पहुंचे थे। वहां तीन कमरों का कार्यालय है। सभी कैमरों की फुटेज देखी गई, लेकिन कोई संदिग्ध बात नहीं पता चली। 1- अशोक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट।