सीधी भर्ती से चयन प्रक्रिया पर दाखिल होगी याचिका, न्यायालय के आदेश के उल्लंघन का आरोप, भर्ती पर रोक लगाने की मांग - SARKARI RESULT | सरकारी रिजल्ट UP | SARKARI RESULT IN HINDI | SARKARI RESULT UP

27 February, 2018

सीधी भर्ती से चयन प्रक्रिया पर दाखिल होगी याचिका, न्यायालय के आदेश के उल्लंघन का आरोप, भर्ती पर रोक लगाने की मांग

सीधी भर्ती से चयन प्रक्रिया पर दाखिल होगी याचिका, न्यायालय के आदेश के उल्लंघन का आरोप, भर्ती पर रोक लगाने की मांग:-

इलाहाबाद : सीधी भर्ती से होने वाले चयन पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के बावजूद उप्र लोकसेवा आयोग पर कोई असर नहीं हुआ है। कई साल से आयोग सीधी भर्ती से विभिन्न विभागों में अभ्यर्थियों का चयन कर रहा है। इंटर कालेजों में प्रवक्ता सहित अन्य विभागों में हजारों अभ्यर्थियों के चयन इसी प्रक्रिया को अपनाते हुए किए गए। आयोग की इस मनमानी पर प्रतियोगियों में नाराजगी बढ़ी है और जताए जा रहे हैं कि इस पर प्रतियोगियों की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की जा सकती है।1यूपीपीएससी से हुई भर्तियों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर इलाहाबाद में प्रतियोगियों ने जब आंदोलन शुरू किया था तब से ही सीधी भर्ती पर भी अंगुलियां उठी थी। सपा शासन काल के पांच साल में आयोग से सीधी भर्ती के तहत हजारों अभ्यर्थियों के चयन किए गए। इस प्रक्रिया में किसी विभाग से अधियाचन मिलने पर भर्ती लिखित परीक्षा के आधार पर नहीं बल्कि केवल साक्षात्कार के आधार पर होती है। जबकि प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का दावा है कि सर्वोच्च न्यायालय ने अजय हाशिया बनाम खालिद सेहरावर्दी 1981 (एक) एसएससी, प्रवीण सिंह बनाम स्टेट ऑफ पंजाब एआइआर 2001 एससी 158, आइ सीएआर बनाम सुंदरराजन 2011 (छह) एसएससी 605 में आदेश दे रखा है कि सीधी भर्ती से चयन का आधार केवल साक्षात्कार नहीं हो सकता। बताया कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का आयोग लगातार उल्लंघन कर रहा है। इससे पहले दो बार आयोग से मांग रखी जा चुकी है कि सीधी भर्ती से होने वाली चयन प्रक्रिया पर रोक लगाए। जबकि आयोग में यह सिलसिला जारी है। 1मंगलवार को भी आयोग के सचिव के नाम पत्र भेजकर मांग की है कि सीधी भर्ती से होने वाली चयन प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। कहा है कि शीर्ष न्यायालय के आदेश का अवलोकन कर सीधी भर्ती की प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए शासन से अनुशंसा करें। नहीं तो एक सप्ताह बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। वहीं, आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि सीधी भर्ती के संबंध में शासन जो निर्देश देगा उसके अनुसार अमल किया जाएगा।