15 वर्षो में बर्बाद कर दिया यूपी, योगी सरकार ने जारी किया विपक्ष पर श्वेत पत्र: अध्यापकों की तैनाती छात्र संख्या के मानक के अनुरूप नहीं - SARKARI RESULT | सरकारी रिजल्ट UP | SARKARI RESULT IN HINDI | SARKARI RESULT UP

18 September, 2017

15 वर्षो में बर्बाद कर दिया यूपी, योगी सरकार ने जारी किया विपक्ष पर श्वेत पत्र: अध्यापकों की तैनाती छात्र संख्या के मानक के अनुरूप नहीं

15 वर्षो में बर्बाद कर दिया यूपी, योगी सरकार ने जारी किया विपक्ष पर श्वेत पत्र: अध्यापकों की तैनाती छात्र संख्या के मानक के अनुरूप नहीं:-


लखनऊ 1मंगलवार को छह माह का कार्यकाल पूरा कर रही योगी सरकार ने पूर्व संध्या पर अपना पहला श्वेत पत्र जारी किया। 24 पृष्ठों के दस्तावेज में बिना नाम लिए कालखंड (2003-2017) के जरिये सपा-बसपा की
पूर्ववर्ती सरकारों पर मुख्यमंत्री ने निशाना साधा। दस्तावेज में गुजरे 15 वर्षो की हुकूमत के कारनामों का कच्चा चिट्ठा दिया गया है। योगी ने भ्रष्टाचार, जर्जर अर्थव्यवस्था, अपराधियों को प्रश्रय और खराब कानून-व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए बर्बादी का सारा ठीकरा उनके ही मत्थे फोड़ा। उनका कहना था कि 15 वर्षो में उत्तर प्रदेश को पिछली सरकारों ने बर्बाद कर दिया।1सोमवार को लोकभवन सभागार में अपनी कैबिनेट के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्वेतपत्र जारी कर पूर्ववर्ती सरकारों को घेरने में कसर नहीं छोड़ी। योगी ने कहा, ‘15 वर्षो के दौरान सत्ता पर काबिज सरकारों ने भ्रष्टाचार को नहीं विकास रोका, असामाजिक और भ्रष्ट तत्वों को बढ़ावा देकर अराजकता का माहौल बनाया। पिछली सरकारों ने सूबे को किस हाल में छोड़ा था, यह जानना जनता का हक और हमारी जवाबदेही है। श्वेतपत्र लाने का मकसद भी यही है।’ योगी ने 19 मार्च को सत्ता संभालने के बाद के अनुभवों को सिलसिलेवार गिनाया। पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा के चलते किसानों की बदहाल और उप्र लोकसेवा आयोग तथा भर्ती करने वाली संस्थाओं में अराजकता का उदाहरण दिखाकर योगी ने कहा कि सपा-बसपा सरकारों ने किसानों और नौजवानों के साथ छल किया। बिजली आपूर्ति में पक्षपात किया गया। योगी यह बताने से भी नहीं चूके कि पिछली सरकार में बिना काम पूरा किए लोकार्पण किए गये। उन्होंने मेट्रो रेल, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे,गोमती रिवर फ्रंट के नाम भी गिनाए। लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में अपने मंत्रिमंडल के साथ श्वेत पत्र जारी करते मुख्यमंत्री योगी साथ में उपस्थित उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व उपमुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा।हमारी सरकार को विरासत में अराजकता, अपराध और भ्रष्टाचार मिले। ध्वस्त कानून-व्यवस्था के कारण निवेशकों और व्यापारियों का उत्तर प्रदेश से मोह भंग हो चुका था।1योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
कुछ खास बिंदु 
स्मारकों के निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता।
गुजरे पांच वषों में परिषदीय विद्यालयों में 23.62 लाख छात्र-छात्रओं की संख्या में गिरावट।
अध्यापकों की तैनाती छात्र संख्या के मानक के अनुरूप नहीं। विभिन्न विद्यालयों में 65 हजार 597 अध्यापक छात्र संख्या के मानक से अधिक तैनात थे, जबकि दूसरी ओर लगभग सात हजार 587 विद्यालय एकल थे।
31 मार्च, 2007 को सरकार की ऋणग्रस्तता करीब एक लाख 35 हजार करोड़ रुपये थी, तो 31 मार्च, 2017 को बढ़कर लगभग तीन लाख 75 हजार करोड़ रुपये हो गई।